वितस्ता विमर्श

अहिन्दी भाषा-भाषी क्षेत्र श्रीनगर, जम्मू व कश्मीर से प्रकाशित पूर्व-समीक्षित त्रैमासिक पत्रिका 

ISSN: NA

Call For Paper - Volume -3 Issue - 3 (July-Sep. 2026) A quartely Peer-reviewed Journal of Hindi Language & Literature publishing from Srinagar, Jammu & Kashmir.

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पत्रिका के बारे में

अहिन्दी भाषा-भाषी क्षेत्र श्रीनगर, जम्मू व कश्मीर से प्रकाशित पूर्व-समीक्षित त्रैमासिक ई-पत्रिका ‘वितस्ता विमर्श’ में आपका स्वागत है। एक समय ऐसा था जब कश्मीर से हिंदी भाषा की अनेक पत्र-पत्रिकाएँ प्रकाशित होती थीं जिनका प्रकाशन अब दुर्लभ है। इस कमी को पूरा करने के लिए यह हमारा एक अल्प प्रयास है। कश्मीर की प्राचीन संस्कृति जो शारदा पीठ के नाम से पूरे विश्व में विख्यात थी, शारदा पीठ की उस संस्कृति को पुनः संस्थापित एवं प्रकाश में लाना हमारा देय है।

                 हमारे इस प्रयत्न को सफल एवं सार्थक करें। वितस्ता विमर्श के लिए सात स्तम्भ निर्धारित किए गए हैं- वैचारिक खण्ड, इतिहास/विरासत खण्ड, बदलता कश्मीर, साक्षात्कार खण्ड, विमर्श खण्ड, कविता खण्ड तथा वितस्ता खण्ड। वितस्ता खण्ड इस पत्रिका को सम्पूर्ण भारत की पत्रिकाओं से अलग करता है, जिसमें कश्मीरी भाषा की रचनाओं को अरबी-फारसी लिपि के बजाय देवनागरी लिपि में प्रकाशित किया जाएगा। कश्मीर की साँची संस्कृति, विरासत को चरित्रार्थ करना न केवल इस पत्रिका का उद्देश्य है अपितु हिंदीतर प्रान्त कश्मीर जैसे क्षेत्र में हिंदी भाषा और साहित्य को प्राणवान करना तथा हिंदी भाषा के अन्वेषण के प्रति उत्साही समुदाय को विकसित करना है इस पत्रिका का लक्ष्य है।

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